सिद्धयोग की देन षक्तिपात दीक्षा द्वारा कुण्डलिनी जनित योग से प्रभावित हो रहे हैं लाखों लोग।
गुरुदेव सियाग के चित्र पर लगता है ध्यान
अध्यात्म विज्ञान सत्संग केन्द्र, जोधपुर के संस्थापक व संरक्षक प्रवृत्तिमार्गी समर्थ सद्गुरुदेव श्री रामलाल जी सियाग का 94 वाँ अवतरण दिवस 24 नवम्बर को सुबह 10.30 बजे से जोधपुर आश्रम में श्रद्धा भाव से मनाया जाएगा।
देष-विदेष से आए हुए हजारों साधक सामूहिक रूप से ''संजीवनी मंत्र'' जप के साथ, 15 मिनट ध्यान कर, आध्यात्मिक अनुभूति और समाधि की गहराई में गोता लगाएंगे।
साधक चन्दूलाल दवे ने बताया कि जालोर से भी सैंकड़ों साधक सद्गुरुदेव सियाग के अवतरण दिवस पर जोधपुर में चैपासनी स्थित आश्रम में आयोजित सिद्धयोग षिविर में भाग लेने जाएंगे। जालोर में हजारों लोग गुरुदेव सियाग सिद्धयोग से जुड़े हुए हैं। गुरुदेव सियाग के प्रति हर जाति धर्म के जिज्ञासु जनों की गहरी श्रद्धा भक्ति हैं, क्योंकि लोगों को प्रत्यक्ष परिणाम मिल रहे हैं।
गुरुदेव सियाग सिद्धयोग की देन षक्तिपात दीक्षा द्वारा कुण्डलिनी जागरण से एड्स व कैंसर सहित सभी प्रकार के षारीरिक तथा मानसिक रोगों व नषों से पूर्ण मुक्ति मिल जाती है। ''गुरुदेव सियाग की तस्वीर के ध्यान व संजीवनी मंत्र के सघन जाप करने पर एक ही समय में, हजारों लोगों में एक साथ अलग अलग यौगिक क्रियाएँ होना और इन स्वतः होने वाली यौगिक क्रियाओं से असाध्य रोगों व नषों का ठीक होना, एक अद्भुत विज्ञान है।'' जब साधक 15 मिनट ध्यान करता है तो उनमें असीम नीरवता छा जाती है। चलायमान मन स्थिर हो जाता है।
गुरुदेव सियाग सिद्धयोग की खास विषेशता यह है कि यह बिल्कुल सहज, सरल और निःषुल्क है। सभी जाति धर्मों के लोग इस आराधना को कर सकते हैं। दुनिया के किसी भी कोने में बैठा व्यक्ति यदि गुरुदेव सियाग की दिव्य वाणी में संजीवनी मंत्र सुनकर, इनके चित्र पर ध्यान करें तो स्वतः ही योग षुरू हो जाता है और यह करिष्मा वर्तमान में पूरी दुनिया में हो रहा है, हजारों लोग इस बात के साक्षी हैं।
गुरुदेव सियाग के सिद्धयोग दर्षन से लाखों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। दुनिया भर के लोग गुरुदेव सियाग की वेबसाइट ( ूूूण्जीम.बवउवितजमतण्वतह ) से इनकी तस्वीर निकाल कर ध्यान कर रहे हैं। प्रत्यक्ष को प्रमाण क्या? गुरुदेव सियाग की तस्वीर से ध्यान करके परिणामों को जाना जा सकता है।